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Author: Dipanshu

‘न्यू नॉर्मल’ से कैसे ताल बैठाएगी ट्रैवल इंडस्ट्री..

‘न्यू नॉर्मल’ से कैसे ताल बैठाएगी ट्रैवल इंडस्ट्री..

इस साल फरवरी के तीसरे हफ़्ते में पर्यटन से जुड़े कार्यक्रम के लिए मैं आगरा में था। इस दौरान होटल आईटीसी मुगल में रुकना हुआ। एक शाम आईटीसी मुगल की पहचान कहे जाने वाले पेशावरी रेस्टोरेंट में खाने का मज़ा लेते हुए कोरोना की स्थिति पर भी बात हो रही थी। होटल के जनरल मैनेजर भी साथ ही थे। उस वक्त दुनिया इस महामारी को समझने की कोशिश में लगी थी। मैं एक हफ्ते पहले ही मलेशिया से वापस आया…

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केरल – अनोखा है यह राज्य

केरल – अनोखा है यह राज्य

केरल घूमने के मेरे अनुभव को लिखते समय एक ख़बर मेरा ध्यान खींच रही है। हाल में आए आंकड़ों से पता चला है कि साल 2019 में केरल ने पर्यटकों की वृद्धि दर के मामले में पिछले 24 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले साल 1.95 करोड़ देशी और विदेशी पर्यटक केरल पहुंचे। साल 2018 और 2019 की भयानक बाढ़ और बरसात से हुई तबाही के बावजूद केरल ने यह मुकाम हासिल किया। बाढ़ के बाद केरल में पर्यटन…

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ट्रंप, टूरिज़्म और आगरा

ट्रंप, टूरिज़्म और आगरा

आगरा घूमते समय मेरे गाइड ने कहा “हम आगरा वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बहुत शुक्रगुजार है कि उनके आने से शहर में इतने काम हो रहे हैं जितने पिछले कुछ वर्षों को मिलाकर भी नहीं किए गए।” मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगरा दौरे से कुछ दिन पहले एक ट्रैवल कान्क्लेव के लिए आगरा में था। गाइड की कही बात सही नज़र आ रही थी। शहर में हर तरफ काम में लगे लोग दिखाई दे रहे थे। हज़ारों कर्मचारी…

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देवताओं की भूमि- बाली

देवताओं की भूमि- बाली

बाली में आप कहीं भी जाएं तो फूलों से सजी छोटी टोकरियों पर नज़र ज़रूर जाएगी। दुकानों, घरों, समुद्री किनारों या फुटपाथों पर छोटी टोकरियां रखी दिखाई देती हैं। भगवान ब्रह्मा को चढ़ावे के तौर पर इन टोकरियों को रखा जाता है। स्थानीय भाषा में इन्हें चनंग सारी कहा जाता है। बाली पहुंचने पर हिन्दू संस्कृति का सबसे पहला उदाहरण यही नज़र आता है। ख़बूसरत समुद्री तटों, नारियल के पड़ों , जंगलों और पहाड़ों से भरा बाली सही मायने में…

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संस्कृतियों का संगम है मलेशिया का मलक्का शहर

संस्कृतियों का संगम है मलेशिया का मलक्का शहर

मलक्का के डच स्कवायर पर बनी लाल रंग की इमारतें बरबस आपका ध्यान खींचती हैं। मलक्का पर डच कब्जे के दौरान इन्हें बनाया गया था। बाद में अंग्रेजी दौर में इन्हें लाल रंग से रंगा गया। यह मलक्का का ऐतिहासिक इलाका है। 2-3 किलोमीटर में फैले इस छोटे से इलाके ने मलक्का के 600 सालों के इतिहास को समेट रखा है। यही वजह है कि साल 2008 में यूनेस्को ने इस ऐतिहासिक इलाके को विश्व विरासत स्थल का दर्जा दिया।…

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मलेशिया का प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर- बाटू गुफा मंदिर

मलेशिया का प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर- बाटू गुफा मंदिर

अगर आप बाटू गुफा मंदिर के बाहर खड़े हों तो ऐसा लगता है जैसे तमिलनाडु के किसी मंदिर में खड़े हैं। दक्षिण भारतीय शैली से सजे गोपुरम। भगवान मुरुगन की विशाल मूर्ति पूजा की सामग्री बेचने वाली दुकानें। ऐसा माहौल जो भारत के किसी दक्षिण भारतीय मंदिर में दिखाई देता है लेकिन यह जगह भारत से हजारों किलोमीटर दूर मलेशिया की राजधानी कुआला लुंपुर के पास है।बाटू गुफा मलेशिया में रहने वाले लाखों तमिल हिन्दुओं के लिए सबसे पवित्र तीर्थ…

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जार्जटाउन इतिहास के साथ आधुनिकता

जार्जटाउन इतिहास के साथ आधुनिकता

मलेशिया का ख़ूबसूरत हिस्सा है पेनांग। पेंनांग राज्य की राजधानी जार्जटाउन पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। यह ऐसा शहर है जिसने अपने पुराने इतिहास को बनाए रखते हुए आधुनिकता को अपनाया है। जार्जटाउन एक द्वीप पर बसा है। यही वजह थी कि अंग्रेजों की नज़र इस पर पड़ी। उन्होंने इस पर कब्ज़ा किया और इसे बंदरगाह के तौर पर विकसित किया। जार्ज टाउन के पुराने ऐतिहासिक इलाके में हर तरफ अंग्रेजी दौर की इमारतें नज़र आती हैं। अंग्रेजों के आने…

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शहर के बीच छिपा इतिहास – कान्हेरी गुफाएं

शहर के बीच छिपा इतिहास – कान्हेरी गुफाएं

मुंबई को हमारे देश की व्यापारिक राजधानी कहा जाता है। ऊँची-ऊँची इमारतें इस आधुनिक शहर की पहचान रही हैं। लेकिन यह शहर जितना आधुनिक है इसका इतिहास उतना ही प्राचीन है। इस शहर की चमक-दमक में इसका पुराना इतिहास अक्सर खो जाता है। इसके प्राचीन इतिहास के एक हिस्से ‘कान्हेरी गुफाओं’ से मेरा परिचय भी अंजाने में ही हुआ। मैं एक बार मुंबई में था तो मैंने घूमने के लिए संजय गांधी नेशनल पार्क जाने का सोचा। शहर के बीचों…

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बुरान घाटी ट्रेक- जंगल, बर्फ और ग्लेशियर का अनोखा मेल

बुरान घाटी ट्रेक- जंगल, बर्फ और ग्लेशियर का अनोखा मेल

पहाड़ मुझे हमेशा से पसंद रहे हैं। पहाड़ों को पसंद करने के कारण ही ट्रेकिंग के शौक ने जन्म लिया। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों को पैदल मापने का मज़ा ही अलग है। इस बार गर्मी के मौसम की शुरुआत में ट्रेकिंग के लिए कोई जगह तलाश कर रहा था। खोजबीन के दौरान ही मुझे बुरान घाटी ट्रेक के बारे में पता चला। जब इसके बारे में जानकारी जुटाई को मुझे यह ट्रेक पसंद आया और एक ट्रेकिंग कंपनी से साथ अपना ट्रेक…

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सिटी ऑफ माई हार्ट- 19वीं सदी की दिल्ली

सिटी ऑफ माई हार्ट- 19वीं सदी की दिल्ली

19 वीं सदी की दिल्ली में बहुत कुछ घट रहा था। मुगल सत्ता का ज़ोर समाप्त हो चुका था। कभी भारत के बड़े इलाके पर हुकूमत करने वाले मुगल साम्राज्य का बादशाह अब अंग्रेज़ों का पेंशनगार बन चुका था। मुगल साम्राज्य के ढहने के साथ ही दिल्ली की कहानी में भी कई मोड़ आने शुरू हुए। सदी के बीच में अंग्रेजों के खिलाफ हुई क्रांति ने दिल्ली की कहानी को बदल कर रख दिया। नाममात्र का बादशाह भी अब गद्दी…

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