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Category: Rajasthan

रणथम्भोर में जंगल सफारी की बुकिंग कैसे करें

रणथम्भोर में जंगल सफारी की बुकिंग कैसे करें

देश में किसी भी टाइगर रिजर्व में जाएं तो सबसे पहले पर्यटकों को जंगल सफारी की बुकिंग करनी पड़ती है। पर्यटको की बढ़ती संख्या के कारण ज़रूरी हो जाता है कि समय से सफारी की बुकिंग करली जाए। अब देश के लगभग सभी नेशनल पार्कों में सफारी की ऑनलाइन बुकिंग करवाई जा सकती है। रणथम्भोर देश के सबसे लोकप्रिय टाइगर रिजर्व में से एक है।  रणथम्भोर के लिए आप खुद ऑनलाइन ज़रिए से जंगल सफारी की बुकिंग कर सकते हैं।…

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रणथम्भोर नेशनल पार्क – इतिहास और प्रकृति का अनोखा मेल

रणथम्भोर नेशनल पार्क – इतिहास और प्रकृति का अनोखा मेल

कोरोना महामारी के कारण 2020 का पूरा साल घर बैठे ही निकल गया। 2021 की शुरुआत में स्थिति सुधरने पर मैंने सोचा कि कहीं घूमने के लिए निकला जाए। कहां जाना चाहिए इसको लेकर मुझे ज़्यादा सोचना नहीं पड़ा। मैं एक बार फिर से तैयार था अपने पसंदीदा रणथम्भोर नेशनल पार्क जाने के लिए। मैं पिछले एक दशक से भी ज़्यादा समय से रणथम्भोर जा रहा हूं लेकिन फिर भी हर बार नया अनुभव लेकर वापस लौटता हूं। मैंने फटाफट…

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क्राउन प्लाजा जयपुर – एक साल पूरा होने का जश्न

क्राउन प्लाजा जयपुर – एक साल पूरा होने का जश्न

क्राउन प्लाजा जयपुर के एक साल पूरा होने के मौके पर वहां जाने का निमंत्रण मिला। बचपन से ही जयपुर से एक जुड़ाव रहा है तो वहां जाने का मौका मेरे लिए हमेशा ही खास होता है। जब मेरी गाड़ी होटल के नजदीक पहुंची तो क्राउन प्लाजा की विशाल इमारत नजर आई। जयपुर जैसे शहर में जहां हेरिटज या हेरिटेज हवेली जैसे दिखाई देने वाले होटल बडी संख्या में हैं वहीं क्राउन प्लाजा ने पूरी तरह से आधुनिक आर्किटेक्टर का…

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आमोद अलवर बाग( Aamod Alwar Bagh) में दो दिन

आमोद अलवर बाग( Aamod Alwar Bagh) में दो दिन

चारों तरफ अरावली की पहाडियां और हरे- भरे खेतों के बीच बना है आमोद अलवर बाग रिसॉर्ट। सरिस्का टाइगर रिजर्व से नजदीकी इसे और भी खास बनाती है। यह रिसॉर्ट अलवर से करीब 15 किलोमीटर और सरिस्का टाइगर रिजर्व से 20 किलोमीटर की दूरी पर है। जंगल के नजदीक होने के कारण यहां पूरी शांति और सुकून का अनुभव कर सकते हैं। अलवर बाग में दाखिल होते ही वाकई किसी जंगल में आने का एहसास होता है। पांच एकड में…

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जयपुर का खान पान.. (२)…..

जयपुर का खान पान.. (२)…..

जयपुर के नाश्ते के सफर को आगे बढाते हैं। असल में राजस्थान के खाने की बात ही कुछ और है। यहां के खानें में सूखी सब्जियों का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। चाहे वो कैर सांगरी की सब्जी हो या लहसुन की चटनी( बात करते ही मुंह में पानी आ जाता है।) राजस्थान की खासियत दाल बाटी और चूरमा है जिसे खाये बिना तो आपका राजस्थान में घूमना ही बेकार है। जयपुर में राजस्थानी खाने के लिए पोलोविक्ट्री सिनेमा के…

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जयपुर का खान पान…………

जयपुर का खान पान…………

जयपुर एक अनोखा शहर है। अपना आधुनिक बसावट के लिए इसको दुनिया भर मे जाना जाता है। इसके साथ ही यहां का खान पान भी सबसे अलग और अनोखा है। तो आज सैर करते हैं जयपुर के खान पान की। रंगीले राजस्थान की तरह ही इसकी राजधानी जयपुर का खान पान भी रंग बिंरगा ही है। खाने में तेज मसाले और चटपटा होना इसकी पहचान है। शुरुआत करते हैं सुबह के नाश्ते के साथ। कचौडी, मिर्ची बडा और जलेबी यहां…

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रेत पर फैली सुन्दरता……

रेत पर फैली सुन्दरता……

राजस्थान भारत का सबसे बडा राज्य है। इसकी रेतीली खूबसूरती देखते ही बनती है। सूरज की किरणों में ये धरती सोने सी चमकती नजर आती है। इस बार की छुट्टियों में अपने घर गया था राजस्थान में। वहां रेगिस्तान के लिए कुछ फोटो आप सबके लिए। इससें आपको रेतीली धरती और दूर दूर दिखाई देने वाले पेड दिखाई देंगें।

राजस्थान शेखावाटी का होली नृत्य… गीन्दड

राजस्थान शेखावाटी का होली नृत्य… गीन्दड

राजस्थान के शेखावाटी इलाके में होली पर एक खास नाच किया जाता है। इसको गीन्दड कहा जाता है। इस में लडके गोल घेरे में घूमते हुए नृत्य करते हैं। ये बहुत कुछ गुजरात के डांडिया से मिलता है। इसके कुछ फोटो औऱ वि़डियो आपके लिए।

करणी माता बीकानेर….चूहों का मंदिर

करणी माता बीकानेर….चूहों का मंदिर

बीकानेर के पास है छोटा सा कस्बा देशनोक। देशनोक करणी माता के मंदिर के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इस मंदिर में एक खास बात है जिसने इसे दुनिया में अलग जगह खडा कर दिया है। वो है मंदिर में पाये जाने वाले हजारों चूहे। चूहे इस मंदिर में सदियों से रहते आ रहे हैं। देशनोक बीकानेर से तीस किलोमीटर दूर है। मैं करीब सात आठ साल पहले बीकानेर गया था उस समय मैंने करणी माता के मंदिर…

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शेखावाटी राजस्थान खुली कला दीर्घा

शेखावाटी राजस्थान खुली कला दीर्घा

राजस्थान को जाना जाता है अपनी एतिहासिक विरासत के लिए। इसी राजस्थान में एक इलाका है जिसे शेखावाटी कहा जाता है। शेखावाटी को खुली कला दीर्घा भी कहा जाता है। इसका कारण है यहां कि हवेलियों की दीवारों पर बने चित्र। शेखावाटी राजस्थान के मरुस्थलीय भाग में पडता है। मेरा बचपन इसी इलाके में बीता है इसलिए आज चलते हैं इसकी सैर पर। शेखावाटी का इलाकी राजस्थान के सीकर,झुँन्झुँनु, और चूरु जिलों को मिलाकर बनता है। इस इलाके अपने अमीर…

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