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बाली भारतीयों के लिए क्यों है बेहतर जगह ?

बाली भारतीयों के लिए क्यों है बेहतर जगह ?

इंडोनेशिया का एक द्वीप है बाली। अपनी प्राकृतिक सुन्दरता, अनोखी हिन्दु संस्कृति, सफेद रेत से भरे समुद्र तटों और नाइट लाइफ के लिए इसे दुनिया भर में जाना जाता है। दुनिया भर से पर्यटक घूमने के लिए बाली आते हैं। पर बाली में कुछ बाते हैं जो इसे भारतीयों के लिए खास बनाती हैं। यहां मैंने उन्हीं को बताने की कोशिश की है।

1- भारतीयों के लिए वीजा फ्री


कहीं बाहर जाने से पहले मेरा पहला ध्यान जाता है उस देश के वीजा लेने की प्रक्रिया पर। आप सबका ध्यान भी सबसे पहले वीजा पर ही जाता होगा क्योंकि किसी दूसरे देश में जाने से लिए सबसे पहले वीजा लेना जरूरी होता है। वीजा लेना आसान काम नहीं है लेकिन बाली इस मामले में भारतीयों के लिए एक आसान जगह है।
बाली इन्डोनेशिया का हिस्सा है और इन्डोनेशिया में भारत का पासपोर्ट रखने वालों के लिए वीजा ऑन अराइवल की सुविधा उपल्बध है। इसका मतलब है कि बाली जाने से पहले आपको वीजा के लिए किसी ऑफिस या दूतावास के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। बस टिकट लीजिए और सैर पर निकल जाइये। वीजा ऑन अराइवल की यह सुविधा भारतीयों के लिए पूरी तरह से मुफ्त भी है।

2- हवाई सेवा-


भारत से बाली जाने के लिए हवाई सेवाओं के ढेरों विकल्प उपल्बध हैं। अपनी पसंद और बजट के हिसाब से हवाई सेवा का चुनाव किया जा सकता है। इसमें मलेशिया एयरलाइन, इन्डोनिया की गरूड़ एयरलाइन, सिंगापुर एयरलाइन जैसी फुल फेयर और एय़र एशिया और मलिन्डो एय़र जैसे कुछ सस्ती हवाई सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। दिल्ली से बाली का टिकट औसत 25000 से 30 हजार के बीच खरीदा जा सकता है। अगर कुछ महीने पहले योजना बनाकर टिकट खरीदें तो इसे 19-20 हजार के बीच भी खरीदा जा सकता है। बाली जाने में एक ही कमी है कि फिलहाल भारत से मुंबई को छोड़कर किसी दूसरे शहर से बाली के लिए सीधी उड़ान उपल्बध नहीं है । मुंबई से भी हाल ही में इन्डोनेशिया की गरूड़ एय़रलाइन ने सीधी उड़ान सेवा शुरू की है।
भले ही उड़ान सेवा सीधी उपलब्ध ना हो लेकिन फिर भी करीब 10-11 घंटे के बीच दिल्ली से बाली आराम से पहुंचा जा सकता है।

3- एक जैसी संस्कृति-


बाली भारतीयों के एक संस्कृति के लिहाज से भी खास है। यह है ऐसा द्वीप है जो हिन्दू बहुत है यहां की लगभग 85 फीसदी मूल आबादी हिन्दू है।सैंकड़ों वर्षों से बाली एक हिन्दू बहूल इलाका है। हालांकि किसी समय पूरा इन्डोनेशिया ही हिन्दू बहुल हुआ करता था। लेकिन बाद में मुस्लिम धर्म के प्रभाव में बाली के अलावा पूरा देश मुस्लिम धर्म बहुत हो चुका है। खास बात है कि इन्डोनिशया के मुस्लिम बहुत होते हुए भी बाली में पूरी तरह हिन्दू प्रभाव ही दिखाई देता है। यहां के हिन्दू धर्म का पूजा पद्धति भारत से अलग है। यहां मुख्य रूप से ब्रह्मा , विष्णु और महेश की पूजा की जाती है। यहां लगभग हर घर में एक बड़ा मंदिर बना होता है। यहां बहुत से प्रसिद्घ मंदिर हैं जिनकी सैर की जा सकती है।

4- हर बजट में रहने की सुविधा-

बाली में हर बजट के यात्री के लिए रहने के ठिकाने उपलब्ध हैं। यहां एक से बढ़कर आलीशान रिजॉर्ट्स से लेकर सस्ते हॉस्टल तक सब कुछ मिल जाते हैं। यहां 1000 भारतीय रूपयों में कमरा आसानी से मिल जाता है। ऊपर के बजट की तो कोई सीमा ही नहीं है।

5- मौज-मस्ती का ठिकाना

बाली मौज मस्ती के लिए सही जगह है। अगर आपको नाइटलाइफ पसंद है तो बाली आपके लिए बिल्कुल सही है। यहां के समुद्र के किनारे के बाजारों में ढरों नाइटक्लब, पब और रेस्टोरेंट्स हैं जिनमें आप देर रात तक मस्ती कर सकते हैं। बजट के लिहाज से भी ये बहुत मंहगें नहीं हैं।

(This trip was sponsored by Indonesia tourism and Malindo air. Views expressed here are mine.)

श्री ब्रज राधा वसुंधरा रिसॉर्ट एंड स्पा (Shri Radha Brij Vasundhara Resort and Spa)

श्री ब्रज राधा वसुंधरा रिसॉर्ट एंड स्पा (Shri Radha Brij Vasundhara Resort and Spa)

श्री ब्रज राधा वसुधंरा रिसॉर्ट ब्रज की धरती पर बना एक सुन्दर रिसॉर्ट है। यह रिसॉर्ट मथुरा से करीब 30 किलोमीटर दूर गोवर्धन में है। गोवर्धन में ही वह गोवर्धन पर्वत है जिसे भगवान कृष्ण ने अपनी अंगुली पर उठाकर ब्रज वासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था। आज भी भक्त गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं। इसी गोवर्धन पर्वत के करीब ही बना है यह रिसॉर्ट । यही इस रिसॉर्ट की खासियत भी है। बस रिसॉर्ट में रूकिए आराम कीजिए और रिसॉर्ट से बाहर आकर गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा शुरू कर दीजिए।

TCBG के ट्रेवल ब्लॉगर्स का हमारा छोटा सा ग्रुप भी पहुंचा था इस रिसॉर्ट में रहने के लिए। मथुरा स्टेशन से गोवर्धन का रास्ता हरा भरा और खूबसूरत हैं इसका मजा लेते हुए करीब 30 मिनट में हम गोवर्धन रिसॉर्ट पहुंचे। बड़े से दरवाजे से रिसॉर्ट के अंदर जाते ही माहौल बदल जाता है।

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पेड़-पौधों से भरा इलाका, चौडी सड़क और एक कोने में खड़ी गोल्फ गाड़ी ( ये रिसॉर्ट में एक जगह से दूसरी जगह जाने के काम आती हैं) दिखाई देती हैं। दरअसल यह हॉलिडे रिसॉर्ट होने के साथ एक रिहायशी सोसाइटी भी है। 25 एकड़ में फैले इसके कैम्पस में कुल 240 कॉटेज बने हैं जिसमें से 50 का इस्तेमाल रिसॉर्ट की तरह किया जाता है। बाकि बचे कॉटेज निजी प्रयोग के लिए लोगों को बेचे गए हैं। इन सभी कॉटेज को 24 – 24 के गोलाकार ग्रुप में एक पेड़ के आकार में बनाया है। हर ग्रुप का नाम देश की एक प्रमुख नदी के नाम पर रखा गया है।

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कॉटेज-

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रिसॉर्ट में कमरे के कॉटेज और कॉटेज स्वीट बने हैं। स्वीट में में डबल बेड रूम के साथ ही एक लिविंग रूम भी दिया गया है। जबकि सामान्य कॉटेज में आपको एक डबलबेड रूम मिलता है। यहां पूरे परिवार के लिए 2 कमरे का कॉटेज भी उपल्बध है । मैं कॉटेज स्वीट में रूका था। कमरा खासा बडा था ।

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कॉटेज स्वीट होने के कारण बाहर एक लिविंग रुम और उसके अंदर एक कमरा दिया गया था। कमरे के ठीक बाहर बने लॉन से कॉटेज और भी सुन्दर लग रहा था। शाम के समय लान में आराम से बैठिए और चाय का मजा लिजिए। कमरे में जरूरत की सभी चीजें लगाई गई हैं। हां सुबह-सुबह आप की आवाज चिडियों की चहचहाट से ही खुल जाएगी।

खाना—

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रिसॉर्ट का अपना रेस्टोरेंट हैं जहां हर तरह के खाने का इंतजाम है। उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय, चायनीज या कान्टीनेन्टल सब कुछ यहां मिल जाएगा। मैंने यहां सभी तरह का खाना खाया। उत्तर भारतीय खाना मुझे सबसे बेहतर लगा ।
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सुबह के नाश्ते में बना इडली, सांभर या पोहा भी स्वादिष्ट थे। हां यहां के चायनीज खाने में अभी कुछ सुधार की गुंजाइश हैं। इसके अलावा रेस्टोरेंट कुल मिलाकर बढिया है और ज्यादा मंहगा नहीं है। शहर के बाहर बने रिसॉर्ट के साथ यह परेशानी आती है कि खाना अक्सर मंहगा होता है लेकिन श्री ब्रज वसुंधरा में ऐसा करने की कोशिश नहीं की गई है।

अनुभूति स्पा-

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श्री ब्रज राधा वसुंधरा रिसॉर्ट के स्पा के बारे में जरूर बताना चाहूंगा। अनुभूति नाम का यह स्पा वाकई अलग अनुभूति देता है। इस छोटे से स्पा को बडी सुन्दर से सजाया गया है और अंदर जाते ही शांति का एहसास होता है।

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आप स्पा के बेहद बढिया मसाज का आंनद उठा कर यात्रा की थकान को उतार सकते हैं। अगर गोवर्धन पर्वत की पैदल यात्रा करके यहां आए हो तो फिर स्पा में कुछ समय बिताना अच्छा रहेगा। अनुभूति स्पा सही मायने में इस रिसॉर्ट की एक खासियत है।

रिसॉर्ट में और क्या करें –

रिसॉर्ट में एक छोटा सा इंडोर स्विमिंग पूल भी है जहां समय बिताया जा सकता है। इसके अलावा यहां एक जिम भी है। रिसॉर्ट के क्लब में पूल टेबिल, टेबल टेनिस और एयर हॉकी खेल सकते हैं।

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सुबह उठ कर सैर करने का शौक है तो रिसॉर्ट सबसे बेहतर है। 25 एकड के पूरे केैंम्पस में सड़क बनी है जिस पर पैदल टहला जा सकता है। यहां पर घूमने के लिए साइकिल भी उपलब्ध हैं।

क्या घूमें-

रिसॉर्ट के ठीक सामने से ही गोवर्धन पर्वत की यात्रा का रास्ता है । यात्रा 21 किलोमीटर की है अगर पैदल नहीं करना चाहें तो आजकल गाड़ी या रिक्शा से भी यह यात्रा कर सकते हैं। यात्रा के पूरे रास्ते में मंदिरों की भरमार है जिन में कुछ वाकई पुराने हैं तो कुछ के साथ भगवान कृष्ण की कोई कहानी जुडी है इनको देखते हुए यात्रा पूरी कर सकते हैं।

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एक दिन मथुरा और वृंदावन को देखने के लिए अलग से रखा जा सकता है। अगर पुराने इतिहास में रुचि है तो मथुरा संग्रहालय से बेहतर जगह नहीं हो सकती।

कैसे जाएं-

दिल्ली से मथुरा के लिए बस और ट्रेन आसानी से मिल जाती हैं। ट्रेन करीब 2 घंटे का समय लेगी। बस से भी लगभग इतने ही समय में पहुंच सकते हैं। इसके अलावा अपनी गाड़ी है तो यमुना एक्सप्रेस का इस्तेमाल करके आसानी से पुहंच सकते हैं। रेलवे स्टेशन से गोवर्धन करीब 30 किलोमीटर दूर हैं।

श्री ब्रज राधा वसुंधरा घूमने से ज्यादा आराम करने की जगह है। अगर आप दिल्ली के पास कोई जगह चाहते हैं जहां आधुनिक सुविधाओं के बीच आराम कर सके तो यह बढिया जगह हो सकती है। हां साथ में धार्मिक जगह के दर्शन का फायदा तो है ही। मैंने यहां चार दिन बिताए और वाकई मैंने हर पल का मजा उठाया।

Note- यह यात्रा श्री ब्रज राधा वसुंधरा रिसॉर्ट के निमंत्रण पर TCBG ने आयोजित की थी।