खै़बर हिमालयन रिजॉर्ट एंड स्पा- विलासिता का अनुभव

खै़बर हिमालयन रिजॉर्ट एंड स्पा- विलासिता का अनुभव

मेरे होटल के कमरे की बालकनी के बाहर स्वर्ग जैसा नजारा था। दूर-दूर तक चांदी सी सफेद बर्फ बिछी हुई थी। चारों तरफ खड़े देवदार के पेड़ बर्फ से लदे थे। वहां के शांत माहौल के बीच बस पेड़ों से फुगनियों से गिरती बर्फ या बर्फ के बोझ से टूटती टहनियों की आवाज ही सुनाई दे रही थी। लग रहा था जैसे सफेद बादलों के बीच कोई परी लोक हो। मैं कश्मीर के गुलमर्ग में होटल खै़बर हिमालय रिजॉर्ट और…

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काबुल के बाज़ार में एक दिन…

काबुल के बाज़ार में एक दिन…

‘हिन्दुस्तानी या पाकिस्तानी’ काबुल की मशहूर चिकन स्ट्रीट बाज़ार की एक दुकान में घुसने के बाद दुकानदार ने मुझसे पूछा। मैं इस बाजार की एक कीमती पत्थरों की दुकान में यूं ही कुछ देखने चला गया था। लापीस लाजुली और दूसरे कीमती पत्थरों से सजी वह दुकान मुझे खूबसूरत लगी। लेकिन दुकान में घुसने के बाद इस सवाल ने मुझे चौंका दिया था। जैसे ही मैंने कहा ‘हिन्दुस्तानी’ तो उम्रदराज से दिखाई देते दुकानदार के चेहरे पर मुस्कान आ गई।…

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गुजरात के डेडियापाडा में टीकाकरण की सफलता

गुजरात के डेडियापाडा में टीकाकरण की सफलता

घने जंगलों, नदियों और पहाडों से घिरा है गुजरात के नर्मदा जिले का डेडियापाडा तालुका। देखने में यह जगह किसी दूसरी प्रसिद्ध पहाड़ी जगह का मुकाबला करती नजर आती है। जहां तक नजर जाती हैं बस सागौन के जंगल नजर आते हैं। जंगलों के बीच छोटे-छोटे आदिवासी गांव बसे हैं। धान के खेत जंगल के बीच किसी हरी चादर से बिछे नजर आते हैं। यहां कुछ दिन बिताने हों तो जगह स्वर्ग से कम नहीं लगती। लेकिन कुछ दिन रूकें…

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पर्यटन का बदलता बाज़ार

पर्यटन का बदलता बाज़ार

जब से मैंने दुबई पोर्ट से मैजेस्टिक प्रिंसेस क्रूज का अपना सफर शुरू किया तब से जहाज पर कुछ ऐसा था जो मुझे अलग सा लग रहा था। जहाज पर मौज मस्ती का माहौल था, बढिया खाना था। धूप सेकने के लिए शानदार डेक और भरपूर समुद्री नजारे। हाथ में हाथ डालकर घूमते बहुत से जोडे दिखाई दे रहे थे। उनसे आंखे मिलती तो वे मुस्करा भर देते और अपनी दुनिया में खो जाते। कुछ लोग किताबें पढने में मग्न…

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इंद्र जात्रा— काठमांडू घाटी में इंद्र पूजा का उत्सव

इंद्र जात्रा— काठमांडू घाटी में इंद्र पूजा का उत्सव

काठमांडू दरबार स्क्वेर में जनसैलाब उमड़ा हुआ था। खासे बड़े स्क्वेर में कहीं तिल रखने की भी जगह नहीं थी। जिसे जहां जगह मिली फंस कर खडा था। मंदिरों की सीढियां, आसपास के घरों की छतें और ऊंचे रेस्टोरेंट सभी खचाखच भरे थे। आज एक खास दिन था। इंद्रजात्रा के त्यौहार की पहली रथयात्रा निकलने वाली थी। हर तरफ ढोल- नगाडों का शोर सुनाई दे रहा था। जहां तहां लोग नाच रहे थे। युवाओं का जोश देखते ही बनता था।…

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सिंगीनावा जंगल लॉज – जंगल का असली ठिकाना

सिंगीनावा जंगल लॉज – जंगल का असली ठिकाना

कान्हा नेशनल पार्क आए मुझे कुछ ही घंटे हुए थे। कुछ आराम करने के बाद रात के खाने के लिए अपने कॉटेज से बाहर निकला तो कुछ सरसराहट सुनाई दी। टार्च साथ रखने की हिदायत थी तो टार्च आवाज की तरफ घुमाई और देखा 8-10 हिरणों का एक झुंड वहां घूम रहा है। मेरे और उनके बीच मुश्किल से 5-7 फीट का ही फासला रहा होगा। कान्हा के जंगली जीवन से मेरा परिचय कुछ इस नजदीकी से हुआ। अगले चार…

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वो हंसते चेहरे

वो हंसते चेहरे

मैं मैजेस्टिक प्रिसेंस क्रूज की 16 वीं मंजिल या जहाज की भाषा में कहें तो डेक पर बैठा था। सुबह के नाश्ते का समय था । डेक के रेस्टोरेंट में कांच की खिड़कियों से समुद्र को निहारते नाश्ता करते लोगों का तांता लगा था। तभी मेरे पास कोई आया ये पूछने की मुझे क्या चाहिए। लंबा स्मार्ट सा लडका । उसके नेम प्लेट पर नजर गई। रणबीर ( शायद यही नाम था) । मुस्कराहट के साथ उसने पूछा ‘क्या ले…

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उड़ान हौसले की

उड़ान हौसले की

अपनी पायलट की पोशाक में कैप्टन त्रिशा मोहन बेहद आत्मविश्वास से भरी नजर आती हैं। पुरूषों के वर्चस्व वाले इलाके में काम करने पर कैसा अनुभव होता है यह पूछने पर हंसते हुए कहती हैं ‘सब कुछ अच्छा है हां अंतर इतना ही हैं कि एयरपोर्ट स्टाफ, ग्राउंड स्टाफ और एटीसी अभी भी अक्सर ‘सर’ कहकर ही बात करते हैं’। कहती हैं मुझे इस बात से फर्क भी नहीं पडता कि वे किस तरह से बुलाते हैं। बात सही भी…

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भूटान की पहचान – टाइगर नेस्ट – Trek to Tiger’s nest ( Taktsang) Monastery

भूटान की पहचान – टाइगर नेस्ट – Trek to Tiger’s nest ( Taktsang) Monastery

टाइगर नेस्ट मठ आज पूरी दुनिया में भूटान की पहचान है। यह भूटान के सबसे पवित्र बौद्ध मठों में से एक है। इस बौद्ध मठ को तक्तसांग मठ ( Taktsang Monastery) भी कहा जाता है। पारो घाटी में एक ऊंची पहाड़ी चट्टान पर टंगा सा दिखाई देता यह मठ यहां आने की इच्छा रखने वालों को चुनौती सी देता लगता है। यह मठ करीब 3120 मीटर की ऊंचाई पर एक पहाडी कगार पर बना है। पारो शहर से मठ की…

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क्राउन प्लाजा जयपुर – एक साल पूरा होने का जश्न

क्राउन प्लाजा जयपुर – एक साल पूरा होने का जश्न

क्राउन प्लाजा जयपुर के एक साल पूरा होने के मौके पर वहां जाने का निमंत्रण मिला। बचपन से ही जयपुर से एक जुड़ाव रहा है तो वहां जाने का मौका मेरे लिए हमेशा ही खास होता है। जब मेरी गाड़ी होटल के नजदीक पहुंची तो क्राउन प्लाजा की विशाल इमारत नजर आई। जयपुर जैसे शहर में जहां हेरिटज या हेरिटेज हवेली जैसे दिखाई देने वाले होटल बडी संख्या में हैं वहीं क्राउन प्लाजा ने पूरी तरह से आधुनिक आर्किटेक्टर का…

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