वो हंसते चेहरे

वो हंसते चेहरे

मैं मैजेस्टिक प्रिसेंस क्रूज की 16 वीं मंजिल या जहाज की भाषा में कहें तो डेक पर बैठा था। सुबह के नाश्ते का समय था । डेक के रेस्टोरेंट में कांच की खिड़कियों से समुद्र को निहारते नाश्ता करते लोगों का तांता लगा था। तभी मेरे पास कोई आया ये पूछने की मुझे क्या चाहिए। लंबा स्मार्ट सा लडका । उसके नेम प्लेट पर नजर गई। रणबीर ( शायद यही नाम था) । मुस्कराहट के साथ उसने पूछा ‘क्या ले…

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उड़ान हौसले की

उड़ान हौसले की

अपनी पायलट की पोशाक में कैप्टन त्रिशा मोहन बेहद आत्मविश्वास से भरी नजर आती हैं। पुरूषों के वर्चस्व वाले इलाके में काम करने पर कैसा अनुभव होता है यह पूछने पर हंसते हुए कहती हैं ‘सब कुछ अच्छा है हां अंतर इतना ही हैं कि एयरपोर्ट स्टाफ, ग्राउंड स्टाफ और एटीसी अभी भी अक्सर ‘सर’ कहकर ही बात करते हैं’। कहती हैं मुझे इस बात से फर्क भी नहीं पडता कि वे किस तरह से बुलाते हैं। बात सही भी…

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भूटान की पहचान – टाइगर नेस्ट – Trek to Tiger’s nest ( Taktsang) Monastery

भूटान की पहचान – टाइगर नेस्ट – Trek to Tiger’s nest ( Taktsang) Monastery

टाइगर नेस्ट मठ आज पूरी दुनिया में भूटान की पहचान है। यह भूटान के सबसे पवित्र बौद्ध मठों में से एक है। इस बौद्ध मठ को तक्तसांग मठ ( Taktsang Monastery) भी कहा जाता है। पारो घाटी में एक ऊंची पहाड़ी चट्टान पर टंगा सा दिखाई देता यह मठ यहां आने की इच्छा रखने वालों को चुनौती सी देता लगता है। यह मठ करीब 3120 मीटर की ऊंचाई पर एक पहाडी कगार पर बना है। पारो शहर से मठ की…

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क्राउन प्लाजा जयपुर – एक साल पूरा होने का जश्न

क्राउन प्लाजा जयपुर – एक साल पूरा होने का जश्न

क्राउन प्लाजा जयपुर के एक साल पूरा होने के मौके पर वहां जाने का निमंत्रण मिला। बचपन से ही जयपुर से एक जुड़ाव रहा है तो वहां जाने का मौका मेरे लिए हमेशा ही खास होता है। जब मेरी गाड़ी होटल के नजदीक पहुंची तो क्राउन प्लाजा की विशाल इमारत नजर आई। जयपुर जैसे शहर में जहां हेरिटज या हेरिटेज हवेली जैसे दिखाई देने वाले होटल बडी संख्या में हैं वहीं क्राउन प्लाजा ने पूरी तरह से आधुनिक आर्किटेक्टर का…

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श्री ब्रज राधा वसुंधरा रिसॉर्ट एंड स्पा (Shri Radha Brij Vasundhara Resort and Spa)

श्री ब्रज राधा वसुंधरा रिसॉर्ट एंड स्पा (Shri Radha Brij Vasundhara Resort and Spa)

श्री ब्रज राधा वसुधंरा रिसॉर्ट ब्रज की धरती पर बना एक सुन्दर रिसॉर्ट है। यह रिसॉर्ट मथुरा से करीब 30 किलोमीटर दूर गोवर्धन में है। गोवर्धन में ही वह गोवर्धन पर्वत है जिसे भगवान कृष्ण ने अपनी अंगुली पर उठाकर ब्रज वासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था। आज भी भक्त गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं। इसी गोवर्धन पर्वत के करीब ही बना है यह रिसॉर्ट । यही इस रिसॉर्ट की खासियत भी है। बस रिसॉर्ट में रूकिए…

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आमोद अलवर बाग( Aamod Alwar Bagh) में दो दिन

आमोद अलवर बाग( Aamod Alwar Bagh) में दो दिन

चारों तरफ अरावली की पहाडियां और हरे- भरे खेतों के बीच बना है आमोद अलवर बाग रिसॉर्ट। सरिस्का टाइगर रिजर्व से नजदीकी इसे और भी खास बनाती है। यह रिसॉर्ट अलवर से करीब 15 किलोमीटर और सरिस्का टाइगर रिजर्व से 20 किलोमीटर की दूरी पर है। जंगल के नजदीक होने के कारण यहां पूरी शांति और सुकून का अनुभव कर सकते हैं। अलवर बाग में दाखिल होते ही वाकई किसी जंगल में आने का एहसास होता है। पांच एकड में…

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त्रिपुरारी पूर्णिमा- गोवा का नाव उत्सव ( Boat Festival)

त्रिपुरारी पूर्णिमा- गोवा का नाव उत्सव ( Boat Festival)

उत्सव- गोवा नाव उत्सव ( Goa Boat Festival), विठ्ठलपुर गांव, गोवा Date- 14 November 2016 अपने मस्त-मौला अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले गोवा में त्रिपुरारी पूर्णिमा को भी खास अंदाज में मनाया जाता है। यही वजह है कि त्रिपुरारी पूर्णिमा के दिन गोवा में होने वाला नाव उत्सव धीरे-धीरे पर्यटकों के बीच अपनी पहचान बनाने लगा है। इस दिन गोवा के विठ्ठलपुर गांव में वलवंती नदी के किनारे इसका आयोजन किया जाता है। इस साल यह नाव उत्सव 14…

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फुनशलिंग से थिम्पू की ओर…

फुनशलिंग से थिम्पू की ओर…

फुनशलिंग में एक रात बिताने के बाद अगले दिन सुबह हम सभी थिम्पू के लिए निकले। फुनशलिंग से थिम्पू करीब 170 किलोमीटर दूर है और इसे तय करने में पांच से छ: घंटे लगते हैं । फुनशलिंग से पहाड़ों का असली सफर भी शुरू हो जाता है। फुनशलिंग से निकलते ही थिम्पू जाने वाले रास्ते से कुछ हट कर करबंदी बौद्ध मठ ( karbandi Monastry) बना है इसे रिचेनडिंग मठ (Richending Gompa) भी कहते हैं। यह हमारी भूटान यात्रा का…

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भूटान के रास्ते पर…

भूटान के रास्ते पर…

बौद्ध धर्म से जुड़ी तीन जगहों ने बचपन से मेरा ध्यान खींचा है। एक अनोखी दुनिया जिनके साथ रहस्य, कहानियां और अनेक किवदंतियां जुडी हैं। जहां मठों में बौद्ध भिक्षु रहते है, असीम शक्तियों के साथ। कोई उड़ सकता है कोई पानी पर चल सकता है तो कोई पल झपकते गायब हो सकता है। ऐसी कहानियों से एक रहस्य भरी दुनिया का खाका बचपन से ही मेरे दिमाग में बन गया था। इन तीन जगहों में से एक था लद्दाख,…

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गुनेहड़ की वो शाम

गुनेहड़ की वो शाम

गुनेहड़ में शाम होने वाली है। आसमान में बादल छाए हैं। हिमाचल के इस पहाड़ी गांव के लिए आज की शाम कुछ अलग होने वाली है। गांव के चौक में आज काफी हलचल है। चौक क्या , एक छोटा सा खुला चौकोर हिस्सा है जिसके चारों तरफ कुछ 5-7 दुकानें बनी हैं। यही गांव का बाज़ार भी है। चौक में एक तरफ मंच तैयार किया जा रहा है। मंच के पास ही एक घर के बाहरी अहाते में फैशन शो…

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