बिना वीज़ा या आसान ई-वीज़ा से इन देशों में करें ट्रैवल

बिना वीज़ा या आसान ई-वीज़ा से इन देशों में करें ट्रैवल

देश के बाहर घूमने जाना चाहते हैं तो सबसे पहले वीज़ा की ज़रूरत पड़ती है।  वीज़ा के बिना हम किसी दूसरे में देश में नहीं जा सकते। वीज़ा एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जिसके ज़रिए कोई देश हमें अपने देश में आने की अनुमित देता है।

कई देशों ने वीज़ा देने के लिए बहुत कड़े नियम बना रखे हैं जिससे वीज़ा लेने में काफी समय लगता है और मुश्किल भी होती है। लेकिन ऐसे भी कई ख़ूबसूरत देश हैं जहां भारतीय पासपोर्ट रखने वाले पर्यटक बिना किसी वीज़ा के घूमने जा सकते हैं। 

वीज़ा लेने की परेशानी के बिना अगर घूमने के लिए कोई देश मिले तो इससे अच्छी बात क्या होगी। अगर मैं अपनी बात करूं तो विदेश घूमते समय मैं भी उन देशों को पहले चुनता हूं जो या तो बिना वीजा के आने देते हों या उनके वीजा के नियम बहुत आसान हों। ऐसे कई देश हैं जहां भारतीय बिना वीजा के जा सकते हैं लेकिन आज के लेख में मैं उन देशों को शामिल कर रहा हूं जहां में खुद जा चुका हूं। 

तो आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां आप भारतीय पासपोर्ट पर बिना वीज़ा के ट्रैवल कर सकते हैं। 

(यह सूची किसी खास क्रम से नहीं बनाई गई है ) 

1- भूटान

यह हमारा पड़ोसी देश है जो हमेशा से भारत का दोस्त रहा है। भारत से बिना वीजा के बाहर घूमने जाने की बात तो हो भूटान का नाम ज़रूर दिमाग में आता है। यह छोटा लेकिन बेहद ख़ूबसूरत देश है। भूटान की सीमा भारत से मिलती है। हिमालय की ऊंची पहाडियों के बीच बसे भूटान की अनूठी बौद्ध संस्कृति को देखने दुनिया भर से लोग आते हैं। पहाड़ों, घने जंगलों और नदियों से भरा भूटान पहली नजर में दिल पर छा जाता है।

टाइगर नेस्ट मोनेस्ट्री, भूटान

मैं कुछ साल पहले भूटान घूमने गया था। तब से मैं सबको सलाह देता हूं कि अगर आप भारतीय हैं तो एक बार भूटान ज़रूर जाएं। इसके पीछे एक वजह यह है कि भूटान अपने यहां सीमित पर्यटकों को ही आने देता है और यहां नियम है कि विदेशी पर्यटकों को प्रति व्यक्ति प्रति दिन करीब 250 डॉलर का पैकेज  किसी टूर एजेन्सी से लेना होता है। इस पैसे में होटल,कार, गाइड, खाना जैसी चीजें शामिल होती हैं। लेकिन फिर से यह काफी बड़ी कीमत है इसलिए बहुत ज़्यादा विदेशी पर्यटक चाह कर भी भूटान नहीं आ पाते। लेकिन भूटान ने भारत, मालद्वीप और बांग्लादेश के लोगों को इस पैकेज से छूट दे रही है। इसका मतलब है आप यहां वैसे ही घूम सकते हैं जैसे भारत के किसी दूसरे इलाके में घूमते हैं।

भारतीयों को यहां जाने के लिए वीज़ा की ज़रूरत नहीं है। अगर आप सड़क के रास्ते भूटान जा रहे हैं तो भूटान की सीमा पर आपको भारतीय पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड और होटल की बुकिंग दिखाकर एक एंट्री परमिट लेना होगा। कुछ ही देर में आपको यह परमिट मिल जाता है। सात दिन का यह परमिट भूटान की राजधानी थिम्पू और पारो में घूमने के लिए दिया जाता है। अगर आप हवाई जहाज से जा रहे हैं तो पारो एयपोर्ट पहुंचने पर यह पास बनवा सकते हैं। इसके परमिट के लिए कोई पैसा नहीं देना होता। अगर पास भूटान के दूसरे इलाकों में घूमने जाना चाहते हैं या सात दिन से ज्यादा रुकना चाहते हैं तो थिम्पू से दूसरा परमिट बनवाना होगा। 

हालांकि भूटान ने नियमों में कुछ बदलाव किया था। नए नियम के अनुसार भारतीयों को 1200 रुपये प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के हिसाब से शुल्क देना होगा। यह नियम जुलाई 2020 से लागू होना था। लेकिन अब कोरोना महामारी के बाद की स्थिति में देखना होगा कि यह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन खुलने के बाद नियम कब से लागू होता है। अगर यह नियम लागू भी होता है तो भी भूटान जाने का अनुभव यादगार रहेगा। 

अगर आप अकेले भूटान घूमने जाना चाहते हैं तो पहले भूटान दूतावास से परमिट के बारे में जानकारी लें लें क्योंकि ऐसा पता चला है कि भूटान अकेले जाने वाले पर्यटकों को आसानी से भूटान का परमिट नहीं देता है। ऐसा भी कहा गया है कि अकेले जाने वाले यानी पर्यटकों यानि सोलो ट्रैवलर्स से अंडरटेकिंग लेकर उनको परमिट दिया जाता है। इसलिए अकेले घूमने की योजना बनाने से पहले पूरी जानकारी लें ताकि भूटान की सीमा पर पहुंचने के बाद कोई परेशानी न हो।

भूटान जाने के नियम के लिए भूटान में भारतीय दूतावास का यह लिंक देखें

https://www.indembthimphu.gov.in/pages.php?id=52

भूटान पर मेरे पुराने सफर के ब्लॉग पढ़ें-

2- नेपाल

भारत का यह ख़ूबसूरत पड़ोसी देश भी हिमालय की गोद में बसा है। नेपाल भारत की तरह हिन्दू बहुत देश है। इसलिए यहां की संस्कृति और परंपराएं भारत से बहुत मिलती जुलती हैं। यहां हिन्दू धर्म के साथ बौद्ध धर्म का भी प्रभाव नज़र आता है।

इंद्र जात्रा, काठमांडू

यहां मंदिरों और घरों पर की गई लकड़ी की नक्काशी देखने लायक है। काठमांडू, भक्तपुर और पाटन के दरबार स्केवायर  लकड़ी और पत्थरों से बने प्राचीन मंदिरों और इमारतों के लिए प्रसिद्ध हैं।

भारतीय नागरिकों को नेपाल जाने के लिए वीज़ा की ज़रूरत नहीं है। हवाई यात्रा से जाने पर आपके पास भारतीय पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड होना ज़रुरी है। सड़क के रास्ते जाने पर भी अगर पासपोर्ट और वोटर आईडी साथ रखें तो बेहतर है। मैं ख़ुद सड़क के रास्ते नेपाल नहीं गया हूं। लेकिन कहा जाता है सड़क के रास्ते जाने पर कोई खास जांच नहीं की जाती है।  

यह भी पढ़ें

इंद्र जात्रा— काठमांडू घाटी में इंद्र पूजा का उत्सव

3- इंडोनेशिया

इंडोनेशिया जाने के लिए भारतीयों को ट्रैवल वीज़ा की ज़रूरत नहीं है। यहां पहुंचने पर इमिग्रेशन पर बस पासपोर्ट दिखाना होता है। एक बार में अधिकतम 30 दिन तक इंडोनेशिया में रुक सकते हैं। इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होता। 

बाली में एक हिन्दू मंदि

इंडोनेशिया में आप बाली जैसा ख़बसूरत द्वीप देख सकते हैं। बाली को धरती पर स्वर्ग कहा जाता है। यहां के नीले-हरे रंग के ख़ूबसूरत समुद्री तट, हरे-भरे चावल के खेत और मंदिर आपका मन मोह लेते हैं। इंडोनेशिया एक मुस्लिम बहुत देश है लेकिन बाली ऐसा द्वीप है जिसकी अधिकांश आबादी हिन्दू है। भारत से हजारों किलोमीटर दूर हिन्दू धर्म का अलग स्वरुप यहां दिखाई देता है। यहां की पूजा पद्धतियां और रीति रिवाज भारत के हिन्दू धर्म से कुछ अलग है। 

बाली के पास लोम्बोक, गिली आइलैंड्स, नुसा पेनिडा जैसे बहुत से दूसरे द्वीप है जिन्हें देखा जा सकता है। 

बाली यात्रा से जुड़े मेरे ब्लॉग पढ़ें

4- मलेशिया

इस दक्षिण एशियाई देश में संस्कृतियों का विविध संगम देखने को मिलता है। यहां आप मलय, हिन्दू और चीनी संस्कृतियों को मेल देख सकते हैं। यहां प्राचीन मस्जिदों के साथ, हिन्दू और चीनी बौद्ध मंदिर हर जगह दिखाई देते हैं। मलेशिया मे पिछले कुछ वर्षों। जो विकास हासिल किया है वह देखने लायक है। यहां जाने पर आपको किसी विकसित देश में घूमने जैसा अहसास होगा। यहां की राजधानी कुआला लंपुर दुनिया के किसी भी आधुनिक शहर को टक्कर देता है। यहां ऊंची-ऊची इमारतें, शॉपिंग मॉल्स, चौड़े हाइवे सब कुछ दिखाई देता है।

 

बाटू मंदिर, कुआला लंपुर

मलेशिया भारतीयों के लिए ई-वीज़ा लेने की सुविधा देता है। इसमें आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से 15 दिन का सिंगल एंट्री ENTRI वीज़ा , 30 दिन का सिंगल एंट्री वीज़ा और 30 दिन का मल्टी एंट्री वीज़ा ले सकते हैं। 

यह ई-वीज़ा लेना बहुत आसान है। आपको मलेशिया इमिग्रेशन की वेबसाइट पर जाकर छोटा सा फॉर्म भरना पड़ता है और वीजा आपके ई-मेल पर आ जाता है। फॉर्म में आपको बस पासपोर्ट, फोटो, रिटर्न हवाई टिकट और होटल की जानकारी देनी होती है। वीज़ा के इतने आसान नियम के कारण ही इसको मैंने इस सूची में शामिल किया है। हालांकि यह वीज़ा ऊपर बताए देशों की तरह फ्री नहीं है। सिंगल एंट्री ENTRI वीज़ा के लिए 20 डॉलर चुकाने पड़ते हैं। कुछ टैक्स मिलाकर यह करीब 23 डॉलर का पड़ता है। घर बैठे बिना किसी परेशानी से मिलने वाले वीज़ा के लिए यह कीमत कुछ ज़्यादा नहीं है। सबसे अच्छी बात की आपको अपने बैंक डिटेल जैसी कोई चीज यहां नहीं देनी होती है। 

मेरे मलेशिया के सफ़र से जुडे ब्लॉग पढ़ें 

5- दुबई

 दुबई दुनिया के सबसे आधुनिक शहरों में से एक है। काँच और स्टील से बनी ऊँची इमारतें, चमक-दमक से भरे शॉपिंग माॉल्स और घूमने के लिए एक सुरक्षित ठिकाना होने के कारण दुबई दुनिया में सबसे ज्यादा घूमे जाने वाले शहरों की सूची में अव्वल नंबर पर आता है। दुबई जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या भी बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। मुझे ये शहर बहुत पसंद है और पिछले कुछ वर्षों में मैं तीन बार यहाँ जा चुका हूँ। दुबई का वीजा मिलना भी बहुत आसान है। यह भी ई-वीज़ा के रूप में लिया जा सकता है। इसके लिए आपको पासपोर्ट, अपनी फोटो और हवाई टिकट के अलावा कोई दस्तावेज नहीं देने होते। हालांकि आप ख़ुद दुबई ई-वीज़ा नहीं ले सकते। आपको दुबई सरकार से अधिकृत वीज़ा एजेन्ट के ज़रिए वीज़ा लेना होगा। इसलिए लिए करीब 6000 रुपये की फीस चुकानी होगी। 

दुबई वीज़ा की पूरी जानकारी लेने के लिए मेरा ब्लॉग भारतीयों के लिए दुबई वीज़ा पढ़ सकते हैं। 

ऊपर बताए इन पांच देशों में आप बिना परेशानी के वीज़ा फ्री या ई-वीज़ा के ज़रिए  ट्रैवल कर सकते हैं। इनके अलावा भी बहुत से देश हैं जहां भारतीय बिना वीज़ा या आसान ई-वीज़ा के साथ ट्रैवल करने जा सकते हैं। आगे उनके बारे में भी जानकारी देने की कोशिश करुंगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *