भोरमदेव मंदिर Bhoramdeo temple

भोरमदेव मंदिर Bhoramdeo temple

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भोरमदेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इसे ‘छत्तीसगढ का खजुराहो’ भी कहते हैं। पहाड़ियों और जंगलों से घिरा यह मंदिर प्राचीन वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है। मंदिर की बाहरी दिवारों पर कामरत मूर्तियां बनी हैं। मंदिर को बारीक नक्काशी और मूर्तियों से सजाया गया है। कहा जाता है कि इस मंदिर को 10वीं सदी में नागवंशी राजा रामचंद्र ने बनवाया था। भोरमदेव मंदिर में उड़ीसा के कोणार्क सूर्य मंदिर और खजुराहो मंदिरों की झलक दिखाई देती है। भोरमदेव छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 134 किलोमीटर दूर है।

Bhoramdeo temple is dedicated to Lord Shiva. it is also called ‘Khajuraho of Chhattisgarh’. Surrounded by dense forest and hills, this temple is a fine example of ancient architecture. Erotic sculptures have been carved on outer wall of the temple. It is believed that temple was built by king Ramchandra of Nag dynasty. Bhoramdeo is 134 K.M from Raipur, the capital of Chhattisgarh.

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