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Category: Uttarakhand

छोटा कैलाश- ट्रैंकिग का रोमांच-२

छोटा कैलाश- ट्रैंकिग का रोमांच-२

जागेश्वर में शाम को मंदिर के दर्शन के बाद हम घूमने निकले। यहा चारो तरफ देवदार के घने जंगल है जिनमे घूमने का अपना अलग ही मजा है। जंगल में तरह तरह की चिडिया दिखाई दी जिन्हे मैने पहले कभी नहीं देखा था। दिल्ली की गर्मी के बाद जागेश्वर की ठंडक बेहद सुकुन दे रही थी। अगले दिन हमें जागेश्वर से २०० किलोमीटर दूर धारचूला जाना था। भारत नेपाल सीमा पर बसा धारचूला कैलाश मानसरोवर और छोटा कैलाश यात्रा के…

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छोटा कैलाश- ट्रैकिंग का रोमांच- १

छोटा कैलाश- ट्रैकिंग का रोमांच- १

छोटा कैलाश कुमाऊं में एक पवित्र स्थान है। इसको तिब्बत के कैलाश मानसरोवर के बराबर ही माना जाता है। छोटा कैलाश एक तीर्थ के साथ ही ट्रैकिंग के लिए भी बेहतरीन है। ये उत्तराखँड के पिथौरागढ जिले मे चीन-तिब्बत की सीमा पर है। यहां तक पहुंचने के लिए तवाघाट से पहाडो की चढाई शुर करनी पडती है। तवाघाट से आने और जाने मे कुल मिलाकर २०० किलोमीटर से भी ज्यादा की पैदल दूरी पहाडों में तय करनी पडती है। मेरा…

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उत्तराखंड के ऐतिहासिक शहर काशीपुर का सफऱ

उत्तराखंड के ऐतिहासिक शहर काशीपुर का सफऱ

आज चलते हैं उत्तरांचल के ऐतिहासिक शहर काशीपुर के सफ़ऱ पर। काशीपुर उत्तरांचल के तराई इलाके में बसा छोटा सा खूबसूरत शहर है। इस शहर का इतिहास हर्षवर्धन ( ६०६-६४७) से लेकर महाभारत काल तक जाता है। हर्ष के समय के पुरास्थल अभी भी यहा देखे जा सकते है। पुराणों में इसको उज्जनक नाम से लिखा गया है। हर्ष के समय काशीपुर को गोविषाण के नाम से जाना जाता था। चीनी यात्री ह्वेन सांग (६३१-६४१) ने भी काशीपुर की यात्रा…

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चार धाम यात्रा कुछ सुझाव

चार धाम यात्रा कुछ सुझाव

मई का महीना आते ही उत्तरांचल में चार धाम यात्रा की शुरुआत हो जाती है। चार धाम में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदरनाथ, और बद्रीनाथ धाम आते हैं। हर साल लाखों की संख्या में यात्री यहां दर्शन करने के लिए आते हैं। आप सब की सहायता के लिए चार धाम यात्रा से जुडी कुछ जरुरी बातें ।चारों धामों की यात्रा हरिद्वार से करने पर आने जाने में करीब पन्द्रह सौ किलोमीटर का सफ़र करना होगा। इस यात्रा में करीब नौ दिन लगते…

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नैनीताल के पास खूबसूरत झरना कार्बेट फाल

नैनीताल के पास खूबसूरत झरना कार्बेट फाल

नैनीताल के पास एक बहुत ही खूबसूरत झरना है । इसको कार्बेट फाल कहा जाता है। यह जिम कार्बेट नेशनल पार्क के इलाके में ही पडता है। आप नैनीताल से वापसी के रास्ते में इसे आसानी से देख सकते हैं। नैनीताल से लगभग ३० किलोमाटर की दूरा पर है कालाढूँगी। कालाढूँगी से ही नैनीताल की चढाई भी शूरू होती है। दरअसल नैनीताल जाने के दो रास्ते हैं जिसमें से एक हल्द्वानी होकर है और दुसरा कालाढूँगी से । कालढूँगी से…

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नैनीताल की ताजा तस्वीरें देखिए…..

नैनीताल की ताजा तस्वीरें देखिए…..

नैनीताल की भीड़अभी नैनीताल गया था एक ही दिन के लिए। एक दिन मैं ही दिल्ली की गर्मी से तो सुकून मिल ही गया। पहले ही अपने जनवरी के चिट्ठे में नैनीताल के बारे में लिख चुका हूँ। इसलिए ज्यादा नहीं लिख रहा हूँ बस आप ताजा फोटो देखिए। एक और तरफ़ से नैनीताल झील माल रोड झील की खूबसूरती नैनीताल झील

पुराने सिक्के चाहिए तो आईये हरिद्वार

पुराने सिक्के चाहिए तो आईये हरिद्वार

अभी कुछ दिनों पहले हरिद्वार जाना हुआ। इस बार एक नई बात जानने को मिली कि हरिद्वार में पुराने सिक्के भी खरीदे जा सकते हैं। हरिद्वार में हर की पौडी के पास कुछ दुकानों पर सल्तनत काल से लेकर मुगल काल तक के असली सिक्के खरीदे जा सकते हैं। मैं हर की पौडी से नहा कर पास की पंत द्वीप पार्किंग की तरफ जा रहा था कि एक छोटी सी दुकान पर रखे पुराने सिक्को पर नजर पडी। मुझे पुरानी…

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जागेश्वर तस्वीरों में…………

जागेश्वर तस्वीरों में…………

जागेश्वर की कुछ तस्वीरें लगा रहा हूँ। जागेश्वर के बारे में पहले ही लिख चुका हूँ लेकिन तब फोटो नहीं लगा पाया था। अब फोटो को डिजिटल करवाने के बाद आप सब के लिए पोस्ट कर रहा हूँ।

ॠषिकेश अध्यात्म का नगर

ॠषिकेश अध्यात्म का नगर

हरिद्वार से ३० किलोमीटर दूर है ॠषिकेश। ॠषिकेश को पवित्र तीर्थ माना जाता है। यहां पर बहती गंगा की खूबसूरती तो देखती ही बनती है। ॠषिकेश की सबसे मशहूर जगह हैं लक्ष्मण झूला। तारों पर झूलता ये पुल तो देखन के लायक है। पुल के बीच में खडें होकर नीचे बहती गंगा को देखना अविस्मरणीय अनुभव है। ॠषिकेश में गंगा पहाड से उतरने के कारण तेजी से बहती है। इसके तेज बहाव को लक्ष्मण झूले पर खडा होकर महसूस किया…

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