शारजाह में एक दिन

शारजाह में एक दिन

दुबई के सबसे करीब बसा अमीरात है शारजाह। मैंने दुबई जाने के दौरान एक दिन शारजाह के लिए रखा था। शारजाह में दुबई जितनी चमक-दमक नज़र नहीं आती लेकिन शारजाह में भी देखने के लिए काफी कुछ है। दुबई में रहने वाले मेरे दोस्त अमित ने मुझे वहां हाल में खुले आर्ट इंस्टालेशन रेन रूम के बारे में बताया था। उसका कहना था कि मुझे वह ज़रूर देखना चाहिए। तो मैंने शारजाह में एक दिन में देखने लायक मेरे पसंद की कुछ चीज़ों को तलाश किया। इसमें रेन रूम के अलावा शारजाह का म्यूज़ियम ऑफ इस्लामिक सिविलाइज़ेशन और वहां समुद्री किनारे का इलाका शामिल था। यह सभी जगहें आस पास ही थी। मेरे पास एक दिन का समय था इसलिए इससे ज़्यादा जगहें मैं नहीं देख सकता था। लेकिन अगर देखना चाहें तो इनके अलावा भी शारजाह में बहुत कुछ है। बहुत से म्यूज़ियम और आर्ट गैलरियां हैं जिन्हें देखा जा सकता है। म्यूज़ियम ऑफ इस्लामिक सिविलाइजेशन के आगे शारजाह का हेरिटेज इलाका है जिसे पुराने तरीके से ही संवारा गया है। मैंने देखने के लिए रेन रूम को सबसे पहले चुना।

दुबई से शारजाह कैसे जाएँ-

मैंने बर दुबई में ही रह रहा था इसलिए वहां अल-घुबाईबा ( Al Ghubaiba) बस स्टेशन से मैंने शारजाह के लिए पब्लिक बस ली। यहाँ से बस नंबर E306 शारजाह के लिए ली जा सकती है। ये बस पूरे दिन मिलती रहती है। बस आरामदायक और एयरकंडीशन है इसलिए कोई परेशानी नहीं होती। बस की ख़ासियत यह है कि ये डबल डेकर बस है। मैं बस की ऊपरी मंजिल की सबसे आगे वाली सीट पर बैठा। ऊपर आगे की सीट से रास्ते का शानदार नज़ारा देखने को मिलता है। किराया है – 10 दिरहम और किराया चुकाने के लिए आपके पास Nol सिल्वर कार्ड होना चाहिए। करीब 1 घंटे में बस आपको शारजाह के अल जुबैल ( Al- Jubail) बस स्टेशन पर पहुँच जाते हैं।

शारजाह जाने वाली डबल डेकर बस

दुबई के पब्लिक ट्रांसपोर्ट और Nol कार्ड के बारे में जानने के लिए मेरा पुराना ब्लॉग पढ़ें- पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दुबई कैसे घूमें

रेन रूम –

शारजाह बस अड्डे से मैंने रेन रूम के लिए टैक्सी ली। किराया करीब 14 दिरहम आया। रेन रूम बस स्टेशन से बहुत दूर नहीं है। यह पास के अल मजर्राह इलाके में है। लेकिन गर्मी बहुत थी इसलिए मैंने टैक्सी लेना ठीक समझा आप चाहें तो पैदल भी जा सकते हैं। रेन रूम शारजाह में बना एक नया ठिकाना है। टैक्सी वाला उसे ठीक से तलाश नहीं कर पाया। गूगल मैप के सहारे से रेन रून पहुंचा। रेन रूम एक तरह का आर्ट इंस्टालेशन है। जिसे शारहजाह आर्ट फाउंडेशन ने तैयार किया है। यहां एक बड़ा हॉल है जिसके बीच एक बड़ी सी चौकोर जगह में छत से बरसात की तरह पानी गिरता रहता है। आप को उस पानी के बीच चलना होता है। छत पर 3डी ट्रैकिंग कैमरे लगे हैं। कैमरों के सेंसर आपको पहचान कर ठीक आपके ऊपर से हिस्से में पानी गिरना बंद कर देते हैं। तो आप तेज़ मूसलाधार बरसात के बीच में होते हैं लेकिन आप पर पानी नहीं गिरता। यही रेन रूम की ख़ासियत है। यह विज्ञान, कला और प्रकृति का मेल है। यहाँ ध्यान यह रखना है आप बहुत धीरे चलें। तेज़ चलने पर सेंसर आपके कदमों को सही से नहीं पकड़ पाता और आप भीग जाते हैं। एक अंधेर कमरे में बरसते पानी के बीच धीर-धीरे चलने में बहुत सूकून महसूस होता है। इस जगह का अनुभव कुछ अलग ही है। कमरे में अंधरा है और बस एक किनारे पर लगे बल्ब से ही हल्की रोशनी मिलती है। पहली बार देखने में तो यह कुछ ख़ास नहीं लगता लेकिन जब आप इसे करना शुरू कर देते हैं तो बाहर निकलने का मन नहीं करता । मुझे यहाँ काफी मज़ा आया। अगर शारजाह आ रहे हैं तो रेन रूम ज़रूर आएँ।

रेन रूम
रेन रूम
रेन रूम

टिकट – 25 दिरहम
समय- शनिवार से गुरूवार – सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक
शुक्रवार- शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक

शारजाह म्यूज़ियम ऑफ इस्लामिक सिविलाइजेशन-

रेन रूम से निकल कर मैं पहुंचा शारजाह के म्यूज़ियम ऑफ इस्लामिक सिविलाइज़ेशन पर। यह म्यूज़ियम समुद्र किनारे के साथ लगी सड़क पर बना है जिसे कॉर्निश रोड कहा जाता है। रेन रूम से बस 5 मिनट पैदल चल कर यहाँ पहुंचा जा सकता है। म्यूज़ियम की इमारत का बाहरी हिस्सा बहुत शानदार है। इसे इस्लामी वास्तुशैली से बनाया गया है। इमारत के फोटो अच्छे आते हैं। इसके सामने सड़क को पार करके समुद्री किनारे के पास से पूरी इमारत को एक फ्रेम में कैद किया जा सकता है। यहां इस्लाम धर्म और उससे जुड़ी संस्कृति से सम्बन्धित 5000 से ज़्यादा प्राचीन वस्तुएं रखी गई हैं। इनमें किताबें, धार्मिक वस्तुएँ, कपड़े, हथियार, सिक्के और रोजमर्रा के सामान शामिल हैं। यहां इन चीजों रखने के लिए अलग-अलग गैलरियाँ बनाई गई हैं। यहां एक गैलरी विज्ञान और तकनीक के विषय पर बनाई गई है। एक जमाने में अरब के बगदाद जैसे शहर ज्ञान और विज्ञान का केन्द्र हुआ करते थे। मैं उस विकास को समझना चाहता था लेकिन जब मैं पहुँचा उस समय गैलरी में कुछ सुधार का काम चल रहा था जिसके कारण यह गैलरी बंद थी। लेकिन उसके अलावा भी यहां बहुत कुछ था जिसे मैने देखा। यह म्यूज़ियम काफी बड़ा है इसिलए पूरा म्यूज़ियम देखने में काफी समय लगेगा। सही तरीके से देखना हो तो 3-4 घंटे चाहिए।

इसे देखने के बाद मैंने कुछ समय समुद्र के किनारे की सड़क पर टहलते हुए बिताया। यहां आप नावों को आते-जाते हैं। शाम होने लगी थी इसलिए मैंने फिर से टैक्सी ली और बस स्टेशन पहुँचा। बस स्टेशन से बस लेकर फिर अल घुबाईबा आ गया।

कोर्निश रोड, शारजाह


अगर आपके पास समय है तो म्यूज़ियम के आगे निकलकर शारजाह के पुराने इलाके में जा सकते हैं। यहां हार्ट ऑफ शारजाह नाम का इलाका है जहां पुरानी इमारतों में बहुत से म्यूज़ियम हैं जिन्हें देखा जा सकता है। बस स्टेशन के सामने शारजाह का सेन्ट्रल सूक है। इस खूबसूरत बाज़ार में भी वक्त बिताया जा सकता है। इसे बाहर से ख़ूबसूरत नीली टाइल्स से सजाया गया है इसलिए इसे ब्लू सूक भी कहा जाता है। यह संयुक्त अरब अमीरात के सबसे बड़े मॉल्स में से एक है।

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