Browsed by
Category: Travel postcard

गोलकुंडा का किला Golkunda fort

गोलकुंडा का किला Golkunda fort

Travel Postcard

गोलकुंडा का किला
प्राचीन वास्तुकला के अद्भुत प्रयोग का उदाहरण है गोलकुंडा का किला। किले की खासियत है कि इसके मुख्य दरवाजे के गुंबद के नीचे अगर ताली बजाई जाए तो उसकी आवाज 1 किलोमीटर दूर पहाड़ की ऊंचाई पर बने महल तक सुनाई देती है। गोलकुंडा के वैभव का अंदाजा इस बात से लगया जा सकता है कि विश्वप्रसिद्ध कोहिनूर हीरा गोलकुंडा की खदानों से ही निकला था।16-17 वीं सदी में कुतुबशाही वंश की राजधानी रहे गोलकुंडा में उस दौर के महल, इमारते और मस्जिदें अभी भी देखी जा सकती है।यह किला हैदराबाद के बेहद नजदीक है।

श्री शैलम SRISAILAM

श्री शैलम SRISAILAM

Travel Postcard

श्रीशैलम
आंध्रप्रदेश के कुर्नूल जिले में है श्री शैलम। यह शहर नल्लामल्ला की पहाड़ियों पर स्थित है। यहां भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक है इसलिए इस मंदिर की बहुत मान्यता है। भगवान शिव को यहां मल्लिकार्जुन स्वामी कहा जाता है। वर्तमान मंदिर को विजयनगर साम्राज्य के राजा हरिहर राय ने करीब 6 शताब्दी पहले बनवाया था। कृष्णा नदी पर बना विशाल श्री शैलम बांध भी देखने लायक है। श्री शैलम हैदराबाद से 212 किलोमीटर की दूरी पर है।

बोर्रा गुफाएं Borra Caves

बोर्रा गुफाएं Borra Caves

Travel Postcard

बोर्रा गुफाएं
बोर्रा गुफाएं आंध्र प्रदेश की अनंतगिरी पहाडियों में स्थित है। इन्हें भारत की सबसे बडी प्राकृतिक गुफाओं में से एक माना जाता है। करीब 200 मीटर गहरी ये गुफाएं हजारों वर्षों तक पानी के कारण चूना पत्थर की चट्टानों के कटने से बनी हैं। चूना मिले पानी के टपकने से गुफाओं में बहुत सी आकृतियां बन गई हैं। स्थानीय जनजातियां इस गुफा को पवित्र मानते हैं और इसमें बने शिवलिंग की पूजा करते हैं। इनमें 30 से 50 हजार वर्ष पुराने पत्थर के औजार भी मिले हैं। ये गुफाएं विशाखापट्टनम से 90 किलोमीटर दूर हैं।

विजयवाड़ा vijaywada

विजयवाड़ा vijaywada

Travel Postcard

विजयवाड़ा
कृष्णा नदी के किनारे बसा है आंध्र प्रदेश का ऐतिहासिक शहर विजयवाड़ा। इस प्राचीन शहर में बहुत से मंदिर और गुफा मंदिर हैं। यहां कनक दुर्गा मंदिर की बहुत मान्यता है। मोगलराजपुरम में गुफा मंदिर बनें हैं जिनमें भगवान नटराज और विनायक की मूर्तियां हैं। यहां से बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े अवशेष भी मिले हैं। विजयवाडा के पास ही प्रकाशम बांध बना है जिससे एक खूबसूरत झील का निर्माण हुआ है। विजयवाड़ा हैदराबाद से 275 किलोमीटर दूर है। विजयवाड़ा अपने आमों के लिए भी प्रसिद्ध है।

विशाखापट्टनम visakhapatnam

विशाखापट्टनम visakhapatnam

Travel Postcard

विशाखापट्टनम
आंध्र प्रदेश का प्राचीन शहर और प्रसिद्ध प्राकृतिक बंदरगाह है विशाखापट्टनम । विशाखापट्टनम के खूबसूरत समुद्री तट लोगों को अपनी तरफ खीचंते हैं। यह शहर तीन तरफ से हरी भरी पहाडियों और एक तरफ से समुद्र से घिरा है। तीनों पहाडियों पर तीन धर्मों के धार्मिक स्थल बने हैं। शहर का इतिहास छठी शताब्दी ईसा पूर्व से मिलता है। यहां का पनडुब्बी संग्रहालय खास है जहां पनडुब्बी के जीवन के बारे में जानकारी मिलती है। यह हैदराबाद से करीब 620 किलोमीटर दूर है।

तिरुपति Tirupati

तिरुपति Tirupati

Travel Postcard

तिरुपति
भारत के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है तिरुपति । आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरूपति घने जंगलों से ढकी सात पहाडियों से घिरा है। इनमें से एक पहाड़ी पर बना है तिरुपति वेन्कटेश्वर मंदिर । इस मंदिर में दर्शन करने के लिए हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। भगवान वेन्कटेश्वर को बालाजी भी कहा जाता है। इन्हें भगवान विष्णु का रूप माना जाता है। तिरुपति वेन्कटेश्वर मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुशैली का सुन्दर उदाहरण है। तिरुपति हैदराबाद से करीब 587 और बेंगलुरु से 260 किलोमीटर दूर है।

अरकू घाटी araku valley

अरकू घाटी araku valley

Travel Postcard

अरकू घाटी
पूर्वी घाट के पहाडों पर आंध्र प्रदेश का एक अनछुआ इलाका है अरकू घाटी। समुद्र तल से 1300 मीटर ऊंची अरकू घाटी आंध्र प्रदेश का लोकप्रिय हिल स्टेशन है। यहां के खूबसूरत दृश्य, जंगल, झरने और सुहावनी आबोहवा पर्यटकों को अपनी तरफ खींचते हैं। विशाखापट्टनम से अरकू घाटी का रेल से सफर करने पर इसका पूरा प्राकृतिक सौंदर्य दिखाई देता है। ब्राजगेज रेलवे लाइन पर भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन सिमलीगुड़ा इसी रास्ते पर है। अरकू घाटी विशाखापट्टनम से 114 किलोमीटर दूर है।

लेपाक्षी मंदिर Lepakshi Temple

लेपाक्षी मंदिर Lepakshi Temple

Travel Postcard

लेपाक्षी मंदिर
आंध्र प्रदेश के लेपाक्षी गांव में बना है 16 वीं सदी का लेपाक्षी मंदिर। यह मंदिर अपने झूलते खंबे के अद्भुत आश्चर्य के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। मंदिर 70 खंबों पर टिका है जिसमें से एक खंबा जमीन से कुछ ऊपर उठा है। यह कैसे संभव हुआ इसके रहस्य का पता नहीं लगाया जा सका है। विजयनगर शैली में बने इस मंदिर की दीवारों को बारीक नक्काशी और रामायण , महाभारत की कहानिया दर्शाते सुन्दर चित्रों से सजाया गया है। लेपाक्षी हैदराबाद से करीब 500 किलोमीटर दूर है।

कुर्ग coorg

कुर्ग coorg

Travel Postcard

कुर्ग
हरी – भरी पहाडियां, धूप छांव का खेल खेलते बादल, जंगल , झरने औऱ कॉफी के बागान कुर्ग को घूमने के लिए खास बनाते हैं। पश्चिमी घाट के पहाडों पर बसा कुर्ग कर्नाटक का एक जिला है। इसका मुख्यालय मडिकेरी समुद्र तल से 1525 मीटर की ऊंचाई पर है। अपनी खूबसूरती और ठंडे मौसम के कारण मडिकेरी को दक्षिण भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। यहां के स्थानीय निवासी कोडवा कहलाते हैं जिनका खान-पान और संस्कृति दक्षिण भारत के दूसरे निवासियों से काफी अलग है। मडिकेरी मैसूर से 125 किलोमीटर दूर है।

गोकर्ण Gokarna

गोकर्ण Gokarna

Travel Postcard

गोकर्ण
शांत और साफ-सुथरे सुमुद्री किनारे, हरे भरे जंगल , पहाडियां और धार्मिक तीर्थ स्थान इस सब को मिलाकर बना है कर्नाटक का गोकर्ण। अरब सागर और पश्चिमी घाट के पास बसा यह छोटा सा कस्बा भगवान शिव के प्रसिद्ध महाबलेश्वर मंदिर के कारण धार्मिक तीर्थ स्थान माना जाता है। साथ ही अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के कारण यह जगह सुकून की तलाश में आने वाले पर्यटकों का भी ठिकाना बन रही है। गोकर्ण बेंगलुरु से करीब 500 और मेंगलोर से 210 किलोमीटर की दूरी पर है।